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मन को Control करने वाली दिनचर्या और नियमावली ! Shri Hit Premanand Govind Sharan Ji Maharaj

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Job events

01Score 85

झूठ बोलने से बुद्धि भ्रष्ट होती है, मुनाफा नहीं मिलता

00:05:28.759 — 00:06:44.84076.081s

क्या आप जानते हैं कि झूठ बोलने से आपकी बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है और मुनाफा भी नहीं मिलता?

यह क्लिप सीधे-सीधे एक आम दुकानदार के झूठ बोलने के व्यवहार पर सवाल उठाती है, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देती है। इसमें एक स्पष्ट विरोधाभास है जो भावनात्मक रूप से प्रभावित करता है और समाज में व्याप्त बेईमानी पर प्रकाश डालता है।

एक व्यक्ति नियमित दुकानदार द्वारा झूठ बोलने और फिक्स रेट के बजाय मनमाना दाम लेने के व्यवहार पर चर्चा करता है।
चाहिए अपने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए एक नियम वली बना ले जैसे कुछ दुकानों का नियम होता है कि वहां फिक्स रेट होता है नहीं होता वहां ये नहीं चलेगा कि कसम से कहते हैं कि तुम्हें हम अपना जान कर के कि 00 रुपया मीटर य मिला है हम बिल्कुल मुनाफा नहीं ले रहे नहीं झूठ क्यों बोल रहे हो दुकान खोले मुनाफा के लिए झूठ क्यों बोल रहे हो नहीं लेंगे मुनाफा हम जितने का लाए उससे मुनाफा लेंगे पर 0 मीटर देंगे कपड़ा बढ़िया है ना फिट है इससे नीचे नहीं उतरेंगे हमें सफाई देने की जरूरत नहीं है कि हम कसम खाते हैं या ऐसा जानते हो बिजली है दुकान है नौकर लगे हैं तो इसका मुनाफा लेने के लिए दुकान खोले कोई दान करने के लिए तो नहीं तो सबको पता है मुनाफा लेगा लेकिन एक फिक्स दाम उसे 10 20 रप का मुनाफा लेकर के हम उसको बेच रहे ल
Alternate titles
  • दुकानदार का झूठ: बुद्धि और मुनाफे पर असर
  • क्यों झूठ बोलना बंद करें?
On-screen text
  • झूठ बोलने से
  • बुद्धि भ्रष्ट होती है
  • मुनाफा नहीं मिलता
Hashtags
#सत्य#ईमानदारी#धर्म#व्यवसाय#जीवनमूल्य
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02Score 80

मन को नियंत्रित करने का राज: नियम पालन

00:00:00.040 — 00:01:19.32079.28s

क्या मन को नियंत्रित करने का सबसे आसान तरीका नियम पालन है?

यह क्लिप मन को नियंत्रित करने के लिए नियम पालन के महत्व पर जोर देती है, जो दर्शकों को आत्म-नियंत्रण और अनुशासन के प्रति आकर्षित करती है। इसमें एक स्पष्ट संदेश है जो सीधे जीवन में लागू किया जा सकता है।

महर्षि उड़िया बाबा मन को नियंत्रित करने के लिए नियम पालन के महत्व पर चर्चा करते हैं।
महर्षि उड़िया बाबा को भी एक उपासक ने प्रश्न किया था कि महाराज जी मन कैसे रुके तो उड़िया बाबा ने उत्तर दिया नियम पालन से यदि हम नियम पर दृढ़ रहे तो मन हमारा क्या कर सकता है नियम तो परमात्मा देखता है हम लोग नियम पर दृढ़ नहीं रहते इसी से हमारे देश की दुर्दशा है संध्या वंदन तक का नियम जाता रहा है भजन करने के लिए नियम की बड़ी आवश्यकता हां बड़े नियम की आवश्यकता है तो जैसे प्रातः काल से सायं काल तक की हर व्यक्ति की अपनी एक दिनचर्या होनी चाहिए ऐसा नहीं कि आज हम 4:00 बजे उठे कल 7:00 बजे उठे पर फिर मन को आप कंट्रोल नहीं कर पाएंगे मन के लिए एक दिनचर्या होनी चाहिए कि हमको 10 बजे सोना है 4:00 बजे उठ जाना है तो फिर चार से सवार नहीं होना चाहिए 4:00 बजे उठ जाना ऐसा नियम बना ले और उठ कर के हमको थोड़ी देर नाम
Alternate titles
  • नियम पालन से मन पर नियंत्रण
  • अनुशासन ही मन का नियंत्रक
On-screen text
  • मन को नियंत्रित
  • करने का राज
  • नियम पालन
Hashtags
#मन#नियंत्रण#नियम#आत्मविकास#जीवनशैली
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03Score 78

अधर्म के धन से कभी लाभ नहीं मिलता

00:10:55.480 — 00:12:11.60076.12s

क्या अधर्म के धन से कभी किसी को लाभ मिलता है?

यह क्लिप अधर्म के धन के परिणामों पर जोर देती है, जो दर्शकों को नैतिकता और धर्म के महत्व पर विचार करने के लिए प्रेरित करती है। इसमें एक स्पष्ट विरोधाभास है जो भावनात्मक रूप से प्रभावित करता है।

एक व्यक्ति अधर्म के धन के परिणामों पर चर्चा करता है और धर्म पूर्वक धन कमाने के महत्व पर जोर देता है।
खाएगा तो खूब भजन होगा व आप एक लाख रुप बेईमानी का रख दोगे ना तो बैठे बैठे हो गंदे सोचेगा भजन ले होगा उसका गंदा सोचना और आपका गंदा करना दोनों मिलकर के उसके कारण भी तो आप बने ना तो आपका ही पतन हो जाएगा उसको तो भगवान बचा लेंगे क्योंकि भगवान की शरण में है तो मुझे लगता है अधर्म के धन से कभी किसी को लाभ नहीं मिलता तो अपने कर्तव्य का पालन करते हुए यदि नाम जप किया जाए तो बहुत जल्दी हमको लाभ प्राप्त हो जाए बहुत सुंदर मतलब ये चर्चा होती है अगर आप लोग इसको धारण कर ले तो निहाल हो जाएंगे सच्ची कह रहे ये जो बातें हैं ये बहुत सुंदर जीवन को पुष्ट करने वाली हैं पर आप धारण कर ले तो बात है नहीं नहीं तो जैसे लाभ दिखाई दे रहा 5 हज तय बातें भूल जाओगे ये बातें अच्छी नहीं लगेंगी यार बहुत बढ़िया काम घर में आएगा पर हम
Alternate titles
  • बेईमानी से कमाया धन: परिणाम
  • धर्म पूर्वक धन कमाएं
On-screen text
  • अधर्म के धन
  • से कभी लाभ नहीं मिलता
Hashtags
#धर्म#ईमानदारी#धन#जीवन#नैतिकता
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04Score 75

वकालत का असली अर्थ: अधर्मी को मुक्त करवाना नहीं

00:03:16.280 — 00:04:33.72077.44s

क्या आप जानते हैं कि अधर्मी को मुक्त करवाना वकालत का असली अर्थ नहीं है?

यह क्लिप वकालत के असली अर्थ पर सवाल उठाती है, जो दर्शकों को न्याय और धर्म के प्रति सोचने पर मजबूर करती है। इसमें एक स्पष्ट विरोधाभास है जो भावनात्मक रूप से प्रभावित करता है।

एक व्यक्ति वकालत के असली अर्थ पर चर्चा करता है और अधर्मी को मुक्त करवाने के बजाय धर्मात्मा को मुक्त करवाने के महत्व पर जोर देता है।
भगवान का ही कार्य सृष्टि भगवान का कार्य जैसे नए बच्चे कुछ वकील वकालत पढ़ रहे थे तो यहां आके प्रश्न किया था कि हम जानते हैं कि वह दोषी नहीं है हम जानते हैं कि व दोषी है पर दोषी हमें पैसा दे रहा है तो हम वकालत पढ़ी इसीलिए हम उसको जिताएंगे य क्या कोई पाप है तो हमका खुला पाप है बोले नहीं हमारी कोई ऐसा कंपनी दो ऐसा कुछ बोले कि हमारी कंपनी को ये यह सिखाया जाता है तो हमको तो एक करना ही होगा अगर नहीं करेंगे तो हमारी वकालत का मतलब क्या रहा नहीं वकालत का मतलब अधर्मी को मुक्त करवाना नहीं है वकालत का मतलब अधर्मी के साबूत एकत्रित करके उसको दंड दिलवाना है और धर्मात्मा को मुक्त करवाना है अब इसके लिए आपके पास अर्थव्यवस्था अगर कमजोर भी है तो धर्म व्यवस्था आपकी पूरी है धर्म व्यवस्था ठीक है तो परिवार स्वस्थ रह
Alternate titles
  • वकालत का सच्चा अर्थ
  • न्याय और धर्म
On-screen text
  • वकालत का असली अर्थ
  • अधर्मी को मुक्त करवाना नहीं
Hashtags
#वकालत#न्याय#धर्म#कर्तव्य#सत्य
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05Score 72

अधर्म से आए धन का परिणाम: बुद्धि भ्रष्ट और परिवार में कलह

00:04:23.800 — 00:05:39.80076.0s

क्या पैसा ही सब कुछ है? जानिए अधर्म से आए धन का परिणाम।

यह क्लिप अधर्म से आए धन के परिणामों पर जोर देती है, जो दर्शकों को नैतिकता और धर्म के प्रति सोचने के लिए प्रेरित करती है। इसमें एक स्पष्ट विरोधाभास है जो भावनात्मक रूप से प्रभावित करता है।

एक व्यक्ति अधर्म से आए धन के परिणामों पर चर्चा करता है और धर्म पूर्वक धन कमाने के महत्व पर जोर देता है।
और वह आपको 10 लाख रुपया घूस दे तो क्या आप उसका पक्ष लेंगे नहीं तो फिर दूसरी बहन के साथ किया है अब यहां विचार करना है ना अपने भाई का अगर कत्ल किए हो मुझे पता हो कि यह दोषी है तो क्या हम पैसे से उसको मुक्त करने देंगे लगेगा कि जान की बाजी लगा देंगे और तुम्हें हम ऐसे ही एक गरीब आदमी की किसी ने हत्या की तो आपका पक्ष बनता है पर यह ज्ञान कहां मिलेगा बिना आध्यात्म के ज्ञान तो मिलेगा नहीं ज्ञान तो इस बात का मिला कि कैसे पैसा कमाया जाए अच्छा वो पैसा यदि अधर्म से आया है तो आपकी दुर्दशा कर देगा आपकी बुद्धि भ्रष्ट कर देगा तो जो बाबा कह रहे कि आज हमारे समाज की बड़ी दुर्दशा हो रही उसका कारण यही है कि हमें अध्यात्म का ज्ञान नहीं हमें धर्म का ज्ञान नहीं और बड़ी-बड़ी गलतियां हो जाती है बिल्कुल पता है आदमी निर
Alternate titles
  • बेईमानी से आया धन: परिणाम
  • धर्म पूर्वक धन कमाएं
On-screen text
  • पैसा ही सब कुछ नहीं
  • अधर्म से आया धन
  • बुद्धि भ्रष्ट करेगा
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#धर्म#ईमानदारी#धन#परिवार#नैतिकता
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06Score 70

धर्म पूर्वक जीवन जीने से समाज सुखी हो सकता है

00:09:50.440 — 00:11:06.68076.24s

क्या आप जानते हैं कि धर्म पूर्वक जीवन जीने से पूरा समाज सुखी हो सकता है?

यह क्लिप धर्म पूर्वक जीवन जीने के महत्व पर जोर देती है, जो दर्शकों को समाज कल्याण और नैतिकता के प्रति आकर्षित करती है। इसमें एक स्पष्ट संदेश है जो सीधे जीवन में लागू किया जा सकता है।

एक व्यक्ति धर्म पूर्वक जीवन जीने के महत्व पर चर्चा करता है और बताता है कि कैसे धर्म पूर्वक जीवन जीने से समाज सुखी हो सकता है।
उनका पूरा जीवन बर्बाद क्योंकि नया जीवन है और जगह-जगह अपने-अपने कर्तव्यों का यदि पालन किया जाए तो पूरा समाज सुखी हो जाए लेकिन कर्तव्य हीन ता आ र कोई अपने कर्तव्य को नहीं समझ रहा है तो यही बात महापुरुष जनों को दुख लगता है कि अगर सब अपने कर्तव्य का पालन करें धर्म का पालन करें भगवान का नाम जप करें तो सब सुखी हो जाए सुख सब चाहते हैं और आचरण दुख वाले करते हैं इसीलिए सुख नहीं मिल रहा है परिणाम में हमें दुख मिल रहा है सच्ची मानना वोह रुपया पूरे परिवार में अशांति पैदा कर देगा और धर्म पूर्वक 00 रुपया लाओगे और चार पांच परिवार के बैठकर नमक रोटी खाओगे आनंद से सोओगे बड़ा प्यार रहेगा भगवान की कृपा रहेगी पर यह बात समझ में नहीं आती है तो ये वृत्ति अगर छोड़ी ना जाएगी तो कुछ भी कर लो कहीं भी दान पुण्य कर लो ला
Alternate titles
  • धर्म और समाज कल्याण
  • नैतिक जीवन शैली
On-screen text
  • धर्म पूर्वक जीवन
  • समाज सुखी हो सकता है
Hashtags
#धर्म#समाज#सुख#कर्तव्य#नैतिकता
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07Score 68

मिलावट से धन कमाना: परमात्मा को धोखा देना

00:06:33.400 — 00:07:49.31975.919s

क्या मिलावट से धन कमाना परमात्मा को धोखा देना है?

यह क्लिप मिलावट से धन कमाने के परिणामों पर जोर देती है, जो दर्शकों को नैतिकता और धर्म के प्रति सोचने के लिए प्रेरित करती है। इसमें एक स्पष्ट विरोधाभास है जो भावनात्मक रूप से प्रभावित करता है।

एक व्यक्ति मिलावट से धन कमाने के परिणामों पर चर्चा करता है और बताता है कि कैसे मिलावट से जीवन में दुख आता है।
भ्रष्ट करेगा और सत्य है कि मुनाफा के लिए वही चीज और आप एक फिक्स रेट में दे रहे बढ़िया है अब अगर आप कोई मिलावट करके भोजन सामग्री दे र आपको पता है तो जो खाने वाले के हृदय में बैठे हुए भगवान है वह तुम्हारे जीवन में मिलावट कर देंगे तुम्हारा जीवन महान दुखम हो जाएगा य कहां समझा जाता है एक आदमी सिंथेटिक दूध बना रहा है उससे कहो य अपने बच्चे को पिला नहीं पिलाए फिर ये दूसरे का बच्चा जब पिएगा तो उसकी हालत क्या होगी दूसरे शरीर में जाएगा तो हालत क्या होगी वह केवल धन की बुद्धि रख रहा है एक आदमी घी में केमिकल मिला र है एक ऐसे अभ पदार्थ मिला वह स्वयं नहीं खाएगा लेकिन होटलों में भेजा जाएगा हजारों लाखों लोग खाएंगे बीमारी बढ़ेगी उसको रुपया से मतलब है यह चीज यह दुर्दशा हर जगह धर्म का ज्ञान ना होने के कारण फैल र
Alternate titles
  • मिलावट और नैतिकता
  • धर्म पूर्वक व्यवसाय
On-screen text
  • मिलावट से धन
  • परमात्मा को धोखा
Hashtags
#धर्म#ईमानदारी#व्यवसाय#नैतिकता#जीवन
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08Score 65

नकली दवा से धन कमाना: परमात्मा को धोखा देना

00:07:37.879 — 00:08:53.83975.96s

क्या आप जानते हैं कि नकली दवा से धन कमाना परमात्मा को धोखा देना है?

यह क्लिप नकली दवा से धन कमाने के परिणामों पर जोर देती है, जो दर्शकों को नैतिकता और धर्म के प्रति सोचने के लिए प्रेरित करती है। इसमें एक स्पष्ट विरोधाभास है जो भावनात्मक रूप से प्रभावित करता है।

एक व्यक्ति नकली दवा से धन कमाने के परिणामों पर चर्चा करता है और बताता है कि कैसे इससे जीवन में दुख आता है।
में बेच देना उसको बिल्कुल फायदा ना होना लेकिन परमात्मा देख रहा है तुम जानते हो नकली दवा है व तो नहीं जानता बेचारा ज्यादा पढ़े लिखे नहीं किसान आदमी गांव का आया है तुमने दे दिया और उसने पैसा दिया इसलिए के अब वो पैसा तुम्हारी बुद्धि भ्रष्ट करेगा तुम्हारे परिवार में कलह पैदा करेगा और तुम्हारा पतन कर देगा ऐसे हर डिपार्टमेंट में हर विषय में यदि हम अपने धर्म से चले अपने सत्य से चले और थोड़ा भी भजन होगा वो आपको उत्तम गति प्रदान करेगा पर ऐसा कहां समझ में आ रहा अध्यात्म के बिना भला ऐसा समझ में आएगा तो इसीलिए कह रहे हमारे देश की दुर्दशा हो रही पूर्वजों में पहले यह था कि हमारा धर्म नहीं जाना चाहिए चाहे प्राण चले जाए हमारा चरित्र नहीं जाना चाहिए चाहे सर्वस्व नष्ट हो जाए आज इसकी कोई परवाह नहीं तो उसी से ब
Alternate titles
  • नकली दवा और नैतिकता
  • धर्म पूर्वक व्यवसाय
On-screen text
  • नकली दवा
  • परमात्मा को धोखा
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#धर्म#ईमानदारी#स्वास्थ्य#नैतिकता#जीवन
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